Mastiii 4 Review: हंसी का ओवरलोड या सिर्फ डबल मीनिंग? जानिए सच
Mastiii 4 Movie Review in Hindi: रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय और आफताब शिवदासानी की वापसी के साथ यह फिल्म कितनी मजेदार है? पढ़ें पूरी समीक्षा, स्टार कास्ट, कहानी, प्लस-माइनस और फैसला।
Mastiii 4 Movie Review: देखने से पहले जरूर पढ़ें
बॉलीवुड की सबसे चर्चित एडल्ट-कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी में से एक Masti सीरीज एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आई है, और इस बार नाम है Mastiii 4। रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय और आफताब शिवदासानी की तिकड़ी एक बार फिर वही पुरानी शरारती केमिस्ट्री लेकर आई है—लेकिन सवाल ये है कि क्या इस बार भी वही जादू चलता है या सिर्फ पुरानी फॉर्मूला दोहराया गया है?
आइए जानते हैं इस फिल्म की पूरी समीक्षा।
फिल्म की बेसिक जानकारी
स्टार कास्ट: रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय, आफताब शिवदासानी, तुषार कपूर, अरशद वारसी, नरगिस फाखरी, एलनाज नौरोजी
- डायरेक्टर: मिलाप मिलन जावेरी
- भाषा: हिंदी
- जॉनर: एडल्ट कॉमेडी
- रनटाइम: 144 मिनट
- रिलीज: थिएटर
कहानी (Storyline)
फिल्म की कहानी तीन दोस्तों—अमर, मीत और प्रेम—के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से थोड़ा बोर हो चुके हैं। उनकी पत्नियां या तो ज्यादा शक करती हैं या फिर उन्हें नजरअंदाज करती हैं।
तभी उनकी जिंदगी में एंट्री होती है उनके दोस्त कामराज की, जो उन्हें “Love Visa” का कॉन्सेप्ट बताता है—यानि साल में एक हफ्ते की पूरी आजादी, जहां पति कुछ भी कर सकते हैं।
तीनों दोस्त इस आइडिया को अपनाने का फैसला करते हैं और अपनी पत्नियों से इसकी इजाजत मांगते हैं। हैरानी की बात ये है कि उन्हें मंजूरी भी मिल जाती है। इसके बाद शुरू होता है गलतफहमियों, अजीब हालात और डबल मीनिंग जोक्स से भरा एक पागलपन भरा सफर।
एक्टिंग (Performance)
रितेश देशमुख हमेशा की तरह फिल्म की जान हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन शानदार हैं।
विवेक ओबेरॉय ने भी अच्छा काम किया है, खासकर उनकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी मजेदार है।
आफताब शिवदासानी अपने किरदार में फिट लगते हैं, लेकिन उनका रोल थोड़ा सीमित लगता है।
अरशद वारसी का कैमियो फिल्म में जान डालता है।
फीमेल कास्ट का काम ठीक-ठाक है, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें ज्यादा स्पेस नहीं देती।

स्क्रिप्ट और डायरेक्शन
फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी तरह से डबल मीनिंग जोक्स और पन (pun) पर आधारित है। लगभग हर तीसरी लाइन में कोई न कोई शब्दों का खेल देखने को मिलता है।
पहला हाफ काफी तेज और एंटरटेनिंग है। इसमें कई ऐसे सीन हैं जो आपको हंसी से लोटपोट कर देंगे। लेकिन दूसरा हाफ थोड़ा कमजोर पड़ता है।
खासकर कुछ हिस्सों में टॉयलेट ह्यूमर और ओवर द टॉप सीन्स फिल्म को थोड़ा खींच देते हैं।
डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने साफ तौर पर यह फिल्म एक खास दर्शक वर्ग के लिए बनाई है—जो बिना ज्यादा सोचे-समझे सिर्फ एंटरटेनमेंट चाहते हैं।
क्या है खास (What’s Good)
- फुल ऑन एंटरटेनमेंट और मस्ती
- रितेश देशमुख की शानदार कॉमिक टाइमिंग
- तेज़ रफ्तार पहला हाफ
- पन और डबल मीनिंग डायलॉग्स की भरमार
- फ्रेंचाइज़ी के फैंस के लिए ट्रीट
क्या है कमजोर (What’s Bad)
- कई जगह क्रिंज ह्यूमर
- दूसरा हाफ थोड़ा लंबा और खींचा हुआ
- कुछ कैरेक्टर्स का सही इस्तेमाल नहीं
- कहानी में ज्यादा गहराई नहीं
किसे देखनी चाहिए ये फिल्म?
अगर आप उन दर्शकों में से हैं जो:
एडल्ट कॉमेडी पसंद करते हैं
लॉजिक से ज्यादा एंटरटेनमेंट को महत्व देते हैं
“Housefull” या “Grand Masti” जैसी फिल्में पसंद करते हैं
तो ये फिल्म आपके लिए है।
लेकिन अगर आप क्लासिक या साफ-सुथरी कॉमेडी पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।
फाइनल वर्डिक्ट
Mastiii 4 एक ऐसी फिल्म है जो अपने दर्शकों को अच्छे से जानती है और उसी हिसाब से कंटेंट परोसती है। यह फिल्म लॉजिक या कहानी के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ हंसी और मस्ती के लिए बनाई गई है।
जहां एक तरफ फिल्म आपको खूब हंसाती है, वहीं कुछ जगहों पर यह ओवरबोर्ड भी चली जाती है।
👉 रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)
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Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।
