IPO में पैसा लगाने का सही मौका? बड़े निवेशकों की चाल से मिला बड़ा संकेत
घरेलू शेयर बाजार में इन दिनों बड़े आईपीओ (IPO) जिस तरह से रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन हासिल कर रहे हैं, उसके पीछे सबसे बड़ी वजह संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB) और बड़े वैश्विक फंड हाउस हर बड़े इश्यू में खुलकर निवेश कर रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि महंगे माने जा रहे कई आईपीओ भी आसानी से सफल हो रहे हैं और खुदरा निवेशकों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है।
बड़े निवेशकों का भरोसा, IPO बाजार की सबसे बड़ी ताकत
जब किसी आईपीओ में बड़े निवेशक भारी निवेश करते हैं, तो यह संकेत देता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाएं मजबूत हैं। इसी वजह से छोटे और खुदरा निवेशक भी ऐसे इश्यू में निवेश करने से नहीं हिचकिचाते। हाल के महीनों में आए कई बड़े आईपीओ इसका साफ उदाहरण हैं, जहां संस्थागत निवेशकों की भागीदारी ने पूरे इश्यू की तस्वीर बदल दी।
10,600 करोड़ के IPO में पहले दिन जबरदस्त निवेश
16 दिसंबर को बंद होने वाले 10,600 करोड़ रुपये के आईपीओ में पहले ही दिन शानदार रिस्पॉन्स देखने को मिला। इस इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB) ने अपने हिस्से के मुकाबले 1.97 गुना ज्यादा निवेश किया। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की ओर से 0.37 गुना बोली लगाई गई।
पहले दिन कुल 5,490 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं, जो यह दिखाता है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी इस इश्यू को लेकर कितने आश्वस्त हैं। इससे यह भी साफ होता है कि मजबूत कंपनियों के आईपीओ में निवेशकों का भरोसा अभी बना हुआ है।
एंकर निवेशकों की अहम भूमिका
इस आईपीओ में एंकर निवेशकों की भागीदारी भी बेहद मजबूत रही। एंकर निवेशकों ने 3,021 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि आईपीओ खुलने से दो दिन पहले ही 4,815 करोड़ रुपये जुटा लिए गए थे।
इस निवेश में SBI, आदित्य बिड़ला समूह, ब्लैकरॉक और JP Morgan जैसे बड़े और भरोसेमंद नाम शामिल रहे। इन दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी से बाजार को यह संदेश गया कि कंपनी की बुनियाद मजबूत है और इसमें लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना है।
अन्य बड़े IPO में भी दिखा QIB और NII का भरोसा
सिर्फ यही नहीं, हाल के समय में आए कई अन्य बड़े आईपीओ में भी संस्थागत निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। 5,421 करोड़ रुपये के मीशो आईपीओ में QIB ने अपने आरक्षित हिस्से के मुकाबले 123 गुना ज्यादा निवेश किया। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों ने 39 गुना से अधिक बोली लगाई।
इसी तरह 3,600 करोड़ रुपये के टेनेको आईपीओ में QIB की ओर से 174 गुना और NII की ओर से 42 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि बड़े निवेशक इन कंपनियों के भविष्य को लेकर बेहद सकारात्मक हैं।
ग्रो और लेंसकार्ट IPO में भी मजबूत सब्सक्रिप्शन
6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने वाले ग्रो के आईपीओ में QIB ने 22 गुना और NII ने 14 गुना अधिक निवेश किया। वहीं महंगे मूल्यांकन को लेकर सवालों में घिरे 7,278 करोड़ रुपये के लेंसकार्ट आईपीओ में भी संस्थागत निवेशकों का भरोसा कायम रहा।
लेंसकार्ट के इश्यू में QIB ने 40 गुना और NII ने 18 गुना ज्यादा निवेश किया। इससे यह साफ हो जाता है कि बड़े निवेशक केवल कीमत नहीं, बल्कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की लिस्टिंग से बढ़ेगी बाजार की ताकत
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जल्द ही शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली देश की पांचवीं फंड हाउस कंपनी होगी। लिस्टिंग के बाद इसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1.07 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में यह कंपनी देश की दूसरी सबसे बड़ी फंड हाउस है, जिसके पास करीब 10 लाख करोड़ रुपये का एसेट बेस है।
मूल्यांकन के लिहाज से भी आकर्षक
मूल्यांकन की बात करें तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निवेशकों को तुलनात्मक रूप से सस्ती दिखाई देती है। इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी HDFC म्यूचुअल फंड जहां 45.5 गुना आय के मूल्य पर कारोबार कर रही है, वहीं आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का मूल्यांकन करीब 40.4 गुना है।
इसका मतलब यह है कि निवेशकों को यह शेयर लगभग 10 फीसदी सस्ता मिल सकता है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो घरेलू आईपीओ बाजार में मौजूदा तेजी के पीछे संस्थागत निवेशकों की भूमिका सबसे अहम है। बड़े निवेशकों का भरोसा न सिर्फ इश्यू को सफल बना रहा है, बल्कि खुदरा निवेशकों के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार कर रहा है। अगर यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले समय में आईपीओ बाजार और ज्यादा मजबूत होता नजर आएगा।
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Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।
