Gold ETF News: नवंबर में सुस्त पड़ा निवेश, लेकिन सोने पर भारतीयों की आस्था बरकरार
नई दिल्ली: नवंबर 2025 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETF) में निवेश की रफ्तार सितंबर और अक्तूबर के मुकाबले थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा सोने पर बना हुआ है। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हल्की नरमी के असर के बीच भी निवेशकों ने गोल्ड ETF से दूरी नहीं बनाई।
भारतीय म्यूचुअल फंड एसोसिएशन (AMFI) द्वारा जारी नवंबर महीने के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश लगातार दूसरे महीने घटा है। हालांकि, यह गिरावट ऐसे समय पर देखने को मिली है, जब साल 2025 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
नवंबर में Gold ETF निवेश लगभग आधा
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में गोल्ड ETF में 3,742 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इसके मुकाबले अक्तूबर महीने में निवेशकों ने गोल्ड ETF में 7,743 करोड़ रुपये लगाए थे। यानी एक महीने के भीतर निवेश की रफ्तार लगभग आधी रह गई। इसके बावजूद यह लगातार सातवां महीना रहा, जब गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश सकारात्मक बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट पूरी तरह नकारात्मक संकेत नहीं है, बल्कि कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों द्वारा थोड़ी सतर्कता बरतने का संकेत देती है।
Gold ETF का AUM 1.11 लाख करोड़ रुपये के करीब
निवेश की रफ्तार धीमी होने के बावजूद गोल्ड ETF की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां (AUM) लगातार बढ़ रही हैं। नवंबर के अंत तक गोल्ड ETF का कुल AUM बढ़कर लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये हो गया। गौरतलब है कि अक्तूबर 2025 में पहली बार गोल्ड ETF का AUM 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया था।
30 नवंबर 2025 तक गोल्ड ETF की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां 1,10,517.76 करोड़ रुपये दर्ज की गईं। यह बढ़ोतरी न केवल नए निवेश को दर्शाती है, बल्कि सालभर में सोने की कीमतों में आई मजबूती का भी असर दिखाती है।
निवेश की रफ्तार क्यों पड़ी धीमी?
AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव वेंकट चलसानी के अनुसार, गोल्ड ETF में निवेश जारी है, लेकिन इसकी गति कुछ कारणों से धीमी हुई है।
पहला कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर में मजबूती के चलते वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी आई, जिससे अल्पकालिक निवेशकों की दिलचस्पी कुछ कम हुई।
दूसरा कारण यह है कि निवेशकों को यह समझ आने लगा है कि सोने से मिलने वाला रिटर्न लंबी अवधि में आमतौर पर एक सीमित दायरे में रहता है, खासकर तब जब कीमतें पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हों।
वैश्विक अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश बना सोना
हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई से जुड़े जोखिमों के बीच सोना और चांदी अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। इसी वजह से गोल्ड ETF में निवेश पूरी तरह से नहीं रुका है।
वेंकट चलसानी का कहना है कि आगे के आउटलुक की बात करें तो सुरक्षित निवेश की मांग, अतिरिक्त वैल्यू एडिशन और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश बना रह सकता है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वैश्विक स्तर पर गोल्ड ETF में लगातार छह महीनों से निवेश बढ़ रहा है, जिसमें एशिया और उत्तरी अमेरिका प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
Silver ETF में भी बढ़ रही दिलचस्पी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी निवेशकों की रुचि बढ़ती नजर आ रही है। चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग, खासकर सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसके उपयोग ने सिल्वर ETF को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। आने वाले समय में चांदी आधारित निवेश विकल्पों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश मजबूत
Gold ETF के अलावा, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में भी नवंबर महीने में निवेशकों का भरोसा मजबूत रहा। AMFI के आंकड़ों के अनुसार, सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नवंबर में 29,911.05 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। यह अक्तूबर में दर्ज 24,690.33 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 21 प्रतिशत अधिक है।
लगभग सभी कैटेगरी में निवेश बढ़ा है, जिसमें फ्लेक्सी कैप फंड्स सबसे आगे रहे। हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल शुद्ध निवेश नवंबर में 32,755 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले महीने के 2.15 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले कम है।
निष्कर्ष
नवंबर 2025 में भले ही Gold ETF निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई हो, लेकिन भारतीय निवेशकों का भरोसा अब भी सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर कायम है। वहीं, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में बढ़ता निवेश यह दिखाता है कि निवेशक जोखिम और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाकर अपनी निवेश रणनीति आगे बढ़ा रहे हैं।
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Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।
