Iratta Movie Review: सस्पेंस, ट्विस्ट और इमोशन का जबरदस्त संगम जो आपको अंदर तक झकझोर देगा
मलयालम फिल्म Iratta का हिंदी रिव्यू पढ़ें। जानिए कैसे यह सस्पेंस और इमोशनल थ्रिलर आपको अंत तक बांधे रखती है और एक शॉकिंग क्लाइमैक्स से चौंका देती है।
Iratta Malayalam Movie Review: जुड़वां भाइयों की कहानी में छिपा खतरनाक राज
मलयालम सिनेमा पिछले कुछ सालों में लगातार ऐसी फिल्मों के साथ सामने आया है, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। इन्हीं शानदार फिल्मों की लिस्ट में शामिल है Iratta, जो एक ऐसी कहानी पेश करती है जहां सस्पेंस, इमोशन और मनोवैज्ञानिक गहराई का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है।
यह फिल्म शुरुआत से ही दर्शकों को एक रहस्यमयी माहौल में ले जाती है और अंत तक अपनी पकड़ बनाए रखती है।
कहानी: एक हत्या जो सिर्फ हत्या नहीं
कहानी वागामोन के एक पुलिस स्टेशन से शुरू होती है, जहां तैनात एएसआई विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह हत्या उसी थाने के भीतर होती है। मामला बेहद संवेदनशील बन जाता है और मीडिया से लेकर सरकार तक हर कोई इस केस का सच जानना चाहता है।
जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाती है डीएसपी प्रमोद को, जो विनोद का जुड़वां भाई है। यही से कहानी एक साधारण मर्डर मिस्ट्री से आगे बढ़कर भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर उतर जाती है।
जैसे-जैसे प्रमोद जांच करता है, शक का दायरा बढ़ता जाता है—सहकर्मी, दोस्त, परिवार, यहां तक कि निजी रिश्ते भी शक के घेरे में आ जाते हैं। लेकिन असली कहानी तब खुलती है जब अतीत की परतें सामने आती हैं।
नॉन-लीनियर नैरेटिव और गहराई
फिल्म की सबसे खास बात इसका नॉन-लीनियर नैरेटिव है। कहानी एक ही टाइमलाइन में नहीं चलती, बल्कि वर्तमान जांच के साथ-साथ अतीत की घटनाओं को भी दिखाया जाता है।
निर्देशक Rohit M.G. Krishnan ने कहानी को इस तरह बुना है कि हर सीन एक नया सवाल खड़ा करता है। धीरे-धीरे दर्शक समझ पाते हैं कि यह सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि रिश्तों, अपराधबोध और छिपे हुए सच की कहानी है।
अभिनय: जोजू जॉर्ज का दमदार डबल रोल
फिल्म की जान हैं Joju George, जिन्होंने जुड़वां भाइयों—विनोद और प्रमोद—का किरदार निभाया है।
दोनों किरदार एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं—
- एक आक्रामक और जटिल
- दूसरा शांत और जिम्मेदार
जोजू जॉर्ज ने अपने अभिनय से इन दोनों के बीच का फर्क इतनी खूबसूरती से दिखाया है कि दर्शक खुद को कहानी में खो देता है। खासकर क्लाइमैक्स में उनका प्रदर्शन दिल को झकझोर देता है।

सपोर्टिंग कास्ट
Anjali ने मालिनी के किरदार में सादगी और दर्द को बहुत ही प्रभावी ढंग से पेश किया है। वहीं Arya Salim एक मजबूत और आत्मविश्वासी पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आती हैं।
हालांकि कुछ सहायक किरदारों को और गहराई दी जा सकती थी, लेकिन फिर भी पूरी टीम ने फिल्म को मजबूती दी है।
तकनीकी पक्ष: माहौल बनाता है तनाव
- फिल्म तकनीकी रूप से भी काफी मजबूत है।
- बैकग्राउंड म्यूजिक हर सीन में सस्पेंस को बनाए रखता है
- सिनेमैटोग्राफी वागामोन के माहौल को बेहद प्रभावी तरीके से दिखाती है
- एडिटिंग कहानी की गति को संतुलित रखती है
फिल्म न तो बहुत तेज भागती है और न ही धीमी लगती है—यह एक परफेक्ट बैलेंस बनाए रखती है।
क्लाइमैक्स: असली खेल आखिरी 10 मिनट में
‘Iratta’ का सबसे बड़ा हाइलाइट इसका क्लाइमैक्स है। आखिरी 10 मिनट में कहानी ऐसा मोड़ लेती है जो पूरे नैरेटिव को बदल देता है।
यह ट्विस्ट अचानक नहीं आता, बल्कि फिल्म के दौरान छोटे-छोटे संकेत दिए जाते हैं। जब सच्चाई सामने आती है, तो यह सिर्फ चौंकाती नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी झकझोर देती है।
यही वजह है कि यह फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक दिमाग में घूमती रहती है।
क्यों देखें यह फिल्म?
अगर आप सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म थोड़ी भारी लग सकती है। लेकिन अगर आप ऐसी फिल्मों के शौकीन हैं जो—
- दिमाग को चुनौती दें
- भावनात्मक रूप से जोड़ें
- अंत में बड़ा ट्विस्ट दें
तो ‘Iratta’ आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होगी।
फाइनल वर्डिक्ट
‘Iratta‘ एक ऐसी फिल्म है जो सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह इंसानी रिश्तों, नैतिकता और अपराधबोध की गहराई को भी छूती है। यह फिल्म आपको सोचने पर मजबूर करती है कि सच्चाई हमेशा उतनी सीधी नहीं होती जितनी दिखती है।
👉 अगर आप कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए।
⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)
Dhurandhar 2 Collection Report: 778 करोड़ पार, ‘पठान’ और ‘जवान’ को पछाड़ा, 800 करोड़ के करीब

Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।
