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Share Bazar Update भारतीय शेयर बाजार में सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, रुपये पर दबाव

Share Bazar Update: नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगभग सपाट शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ देखने को मिली, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 116.57 अंक गिरकर 85,450.91 के स्तर पर आ गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 27.15 अंक फिसलकर 26,145.25 पर कारोबार करता नजर आया।

बाजार जानकारों का कहना है कि चालू सप्ताह में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग सेशन सीमित रहने वाला है। ऐसे में बाजार में कारोबार की मात्रा (वॉल्यूम) कम रहने की संभावना है, जिसकी वजह से निवेशक फिलहाल बड़े निवेश से बचते दिख रहे हैं।

Share Bazar Update: एफआईआई बिकवाली से बाजार पर दबाव

शेयर बाजार की शुरुआती कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली एक बड़ा कारण मानी जा रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने करीब 457.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। एफआईआई की इस निकासी से बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को सहारा देने की कोशिश जारी रखी। डीआईआई ने सोमवार को 4,058.22 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट टल गई।

आईटी शेयरों में बिकवाली

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से कई दिग्गज शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए। खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचसीएल टेक और इटरनल जैसे शेयर नुकसान में रहे।

इसके अलावा एशियन पेंट्स और भारती एयरटेल भी सेंसेक्स के प्रमुख पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और डॉलर की मजबूती के कारण आईटी शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

इन शेयरों में दिखी मजबूती

कमजोर शुरुआत के बावजूद बाजार में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए।

बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कुछ शेयरों में सीमित लेकिन स्थिर खरीदारी से निवेशकों को राहत मिली।

रुपये में कमजोरी, डॉलर के मुकाबले फिसला

घरेलू शेयर बाजार की नरमी का असर रुपये पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 89.73 पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, एफआईआई की निकासी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते रुपये पर दबाव बना हुआ है।

एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत

एशियाई शेयर बाजारों की बात करें तो वहां का रुख भारतीय बाजार से अलग नजर आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सभी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे।

इसके अलावा, सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक बाजारों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट

वैश्विक तेल बाजार में हल्की नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।

सोमवार को बाजार ने दिखाई थी मजबूती

इससे पहले सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स 638.12 अंक या 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85,567.48 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 206 अंक या 0.79 प्रतिशत चढ़कर 26,172.40 के स्तर पर बंद हुआ था।

आगे बाजार की दिशा क्या होगी?

Share Bazar Update: विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की चाल वैश्विक संकेतों, एफआईआई-डीआईआई की गतिविधियों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। छुट्टियों के कारण वॉल्यूम कम रहने की संभावना है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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M.S. Siddiqui

Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।

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