Vijay Hazare Trophy Records: घरेलू क्रिकेट के वो बल्लेबाज जिन्होंने जमाए सबसे ज्यादा शतक
Vijay Hazare Trophy Records: विजय हजारे ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित वनडे प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है। यह टूर्नामेंट न केवल उभरते हुए खिलाड़ियों को मंच देता है, बल्कि अनुभवी बल्लेबाजों को अपनी निरंतरता साबित करने का मौका भी देता है। सालों से इस टूर्नामेंट ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐसे बल्लेबाज दिए हैं, जिन्होंने शतक दर शतक लगाकर अपनी अलग पहचान बनाई।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची बेहद रोचक नजर आती है। इसमें अनुभव, तकनीक और आधुनिक आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिलता है।
Vijay Hazare Trophy Records: अंकित बावने – महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के अनुभवी बल्लेबाज 0 विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2009 से 2025 के बीच इस टूर्नामेंट में कुल 15 शतक जड़े हैं। करीब 96 मैचों में 4000 से ज्यादा रन बनाकर बावने ने घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन की मिसाल पेश की है।
56 से अधिक का औसत इस बात को दर्शाता है कि वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर रन बनाने में माहिर रहे हैं। मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।
ऋतुराज गायकवाड़ – महाराष्ट्र
कम मैचों में बड़ा प्रभाव छोड़ने वाले बल्लेबाजों में 1 का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 13 शतक लगाए हैं और उनका औसत 62 से ज्यादा का रहा है।
220 रनों की नाबाद पारी उनकी अब तक की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती है। 100 से अधिक की स्ट्राइक रेट उन्हें आधुनिक दौर का बेहतरीन वनडे बल्लेबाज बनाती है।
मयंक अग्रवाल – कर्नाटक
कर्नाटक के भरोसेमंद बल्लेबाज 2 ने विजय हजारे ट्रॉफी में 11 शतक जड़े हैं। 3000 से अधिक रन बनाकर उन्होंने कई मौकों पर अपनी टीम को संकट से बाहर निकाला है।
मयंक की बल्लेबाजी में तकनीकी मजबूती और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है, जो उन्हें घरेलू क्रिकेट का बड़ा नाम बनाता है।
रॉबिन उथप्पा – केरल, कर्नाटक और सौराष्ट्र
लंबे और सफल करियर वाले 3 ने केरल, कर्नाटक और सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में 11 शतक लगाए।
3000 से ज्यादा रन और 100 से ऊपर की स्ट्राइक रेट इस बात का प्रमाण है कि उथप्पा हमेशा आक्रामक सोच के साथ मैदान पर उतरे। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया है।
देवदत्त पडिक्कल – कर्नाटक
इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम 4 का है। उन्होंने सिर्फ 30 मैचों में 10 शतक जड़ दिए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड जैसा है।
करीब 94 का औसत विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में बेहद खास माना जाता है। कम समय में इतना प्रभावशाली प्रदर्शन उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य का सितारा बनाता है।
निष्कर्ष
Vijay Hazare Trophy Records: विजय हजारे ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की रीढ़ मानी जाती है। इस प्रतियोगिता में शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के करियर का बड़ा मुकाम होता है। अंकित बावने से लेकर देवदत्त पडिक्कल तक, इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि घरेलू क्रिकेट में किया गया प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की मजबूत नींव बनता है।
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मोहम्मद रफ़ी Prime News 24 में क्रिकेट से जुड़ी खबरों के लेखक हैं। वे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट, IPL, टी20 और वनडे मैचों से जुड़ी ताज़ा खबरें, अपडेट्स और विश्लेषण पाठकों तक पहुंचाते हैं। उनका लेखन सरल, तथ्यपरक और भरोसेमंद है।
