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Stock Market 2026: नए साल की पहली ट्रेडिंग में हरे निशान में खुले सेंसेक्स-निफ्टी

Stock Market 2026: नई दिल्ली: नव वर्ष 2026 के मौके पर भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को राहत दी है। साल के पहले कारोबारी सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स व निफ्टी हरे निशान के साथ खुले। हालांकि, विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 11 पैसे कमजोर दर्ज किया गया।

Stock Market 2026: कैसी रही बाजार की शुरुआती चाल?

2026 के पहले ट्रेडिंग डे पर बाजार में सीमित लेकिन स्थिर तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 सूचकांक 43.70 अंकों की बढ़त के साथ 26,173.30 के स्तर पर खुला। वहीं, बीएसई सेंसेक्स भी 34.95 अंकों की मजबूती के साथ 85,255.55 पर खुला।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में अवकाश के कारण आज के कारोबारी सत्र में सुस्ती रह सकती है और उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने की संभावना है।

दुनियाभर की छुट्टियों का असर

नव वर्ष के चलते अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजार बंद हैं। ऐसे में भारतीय बाजार पर घरेलू निवेशकों का दबदबा देखने को मिल रहा है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के समर्थन से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेत फिलहाल तटस्थ हैं, लेकिन भारत की घरेलू आर्थिक मजबूती बाजार को सहारा दे रही है।

किन सेक्टर्स में दिखी खरीदारी?

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

  • बैंकिंग सेक्टर: प्राइवेट बैंकों के शेयरों में हल्की बढ़त
  • ऑटो सेक्टर: नए साल में मांग बढ़ने की उम्मीद से सकारात्मक रुख
  • आईटी शेयर: रुपये की कमजोरी से निर्यात आधारित कंपनियों को सपोर्ट

वहीं, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर के कुछ शेयरों में दबाव देखा गया।

टॉप गेनर और लूजर का हाल

बाजार खुलते ही कई कंपनियों के शेयर हरे निशान में नजर आए, जबकि कुछ में मुनाफावसूली देखी गई।

टॉप गेनर: बैंकिंग और ऑटो सेक्टर की चुनिंदा कंपनियां

टॉप लूजर: मेटल और एनर्जी सेक्टर के कुछ शेयर

रुपये की कमजोरी के मायने

डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे कमजोर होकर खुला। इसके पीछे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पकालिक दबाव के बावजूद रुपये की दीर्घकालिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।

बाजार विशेषज्ञों की राय

बाजार जानकार अजय बग्गा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 के आखिरी कारोबारी दिन यानी 31 दिसंबर को बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली थी। वहीं, नकदी बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही।

इसके अलावा, जापान और चीन की सरकारों द्वारा संभावित प्रोत्साहन उपायों पर विचार और जर्मनी के आर्थिक पैकेज से 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भू-राजनीतिक चिंताएं अभी बरकरार

चीन-ताइवान, रूस-यूक्रेन और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच जारी तनाव से वैश्विक निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इन्हीं कारणों से बाजार में फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाई जा रही है।

निवेशकों के लिए क्या हो रणनीति?

  • शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में कारोबार संभव
  • लॉन्ग टर्म निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस रखें
  • अचानक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए चरणबद्ध निवेश करें

निष्कर्ष

Stock Market 2026: कुल मिलाकर, नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक लेकिन सतर्क शुरुआत की है। सेंसेक्स और निफ्टी की हरी शुरुआत ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, हालांकि वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

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Mohammad Rafi

मोहम्मद रफ़ी Prime News 24 में क्रिकेट से जुड़ी खबरों के लेखक हैं। वे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट, IPL, टी20 और वनडे मैचों से जुड़ी ताज़ा खबरें, अपडेट्स और विश्लेषण पाठकों तक पहुंचाते हैं। उनका लेखन सरल, तथ्यपरक और भरोसेमंद है।

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