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The RajaSaab Review: डर नहीं, बोरियत देती है ये हॉरर फिल्म!, जानिए पूरी सच्चाई!

The RajaSaab Review in Hindi: जानिए प्रभास की इस फिल्म में क्या है खास और क्यों ये दर्शकों को निराश कर रही है। कमजोर कहानी, खराब VFX और लंबा रनटाइम – पढ़ें पूरा रिव्यू।

The RajaSaab Review

आज के दौर में जब दर्शक कंटेंट के मामले में काफी समझदार हो चुके हैं, तब किसी फिल्म को सिर्फ बड़े स्टार के दम पर हिट बनाना आसान नहीं रहा। The RajaSaab एक ऐसी ही फिल्म है, जो बड़े नाम और बड़े सेटअप के बावजूद दर्शकों को बांधने में पूरी तरह असफल नजर आती है।

कहानी (Story Overview)

फिल्म की शुरुआत एक रहस्यमयी और अजीब माहौल से होती है। एक विशाल और पुरानी हवेली, जिसमें अजीब घटनाएं घटती रहती हैं। इसी हवेली के इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है।

प्रभास इस फिल्म में मुख्य किरदार निभा रहे हैं, जो अपने परिवार के अतीत और उस हवेली से जुड़े रहस्यों को सुलझाने आते हैं। उनके दादा-दादी की कहानी, विरासत, और एक रहस्यमयी आत्मा – इन सबको मिलाकर फिल्म एक जटिल प्लॉट बनाने की कोशिश करती है।

लेकिन समस्या यहीं से शुरू होती है। फिल्म में कहानी होने के बावजूद वह दर्शकों तक साफ तरीके से पहुंच ही नहीं पाती।

स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले

अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी की बात करें, तो वह इसकी स्क्रिप्ट है।

फिल्म कई अलग-अलग आइडियाज को एक साथ जोड़ने की कोशिश करती है – हॉरर, कॉमेडी, रिवेंज ड्रामा और साइकोलॉजिकल थ्रिलर। लेकिन इनमें से कोई भी एलिमेंट सही तरीके से विकसित नहीं हो पाता।

कई सीन ऐसे लगते हैं जैसे सिर्फ स्क्रीन टाइम भरने के लिए जोड़े गए हों। कहानी बार-बार भटकती है और दर्शक कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर फिल्म कहना क्या चाहती है।

एक्टिंग (Performance)

प्रभास, जो अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं, इस फिल्म में पूरी तरह से मिसफिट नजर आते हैं। उनका किरदार कभी सीरियस होता है, तो कभी अचानक कॉमिक बन जाता है, जिससे कनेक्शन टूट जाता है।

संजय दत्त का किरदार डबल रोल में है, लेकिन उन्हें भी स्क्रिप्ट का सपोर्ट नहीं मिलता। उनका अभिनय अच्छा होने के बावजूद किरदार प्रभाव छोड़ने में असफल रहता है।

बाकी कलाकारों की परफॉर्मेंस भी औसत ही कही जाएगी।

The RajaSaab Review
Image credit: YouTube

VFX और तकनीकी पहलू

फिल्म का एक बड़ा हिस्सा VFX पर आधारित है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाता है।

भूत और सुपरनैचुरल एलिमेंट्स इतने नकली लगते हैं कि डर की जगह हंसी आती है। आज के समय में जब दर्शक हाई-क्वालिटी विजुअल्स के आदी हो चुके हैं, ऐसे कमजोर VFX फिल्म के अनुभव को और खराब कर देते हैं।

कॉमेडी और टोन

फिल्म में कॉमेडी डालने की कोशिश की गई है, लेकिन यह पूरी तरह से फेल हो जाती है।

प्रभास का किरदार कई जगह स्लैपस्टिक कॉमेडी करता नजर आता है, जो कहानी के टोन से बिल्कुल मेल नहीं खाता। इससे फिल्म का मूड बार-बार टूटता है।

 रनटाइम और पेसिंग

3 घंटे 10 मिनट की लंबाई इस फिल्म के लिए बहुत ज्यादा साबित होती है।

फिल्म का पहला हाफ ही काफी लंबा और खींचा हुआ लगता है, जबकि दूसरे हाफ में भी कहानी में कोई खास सुधार नहीं आता। कई बार ऐसा लगता है कि फिल्म खत्म ही नहीं होगी।

डबिंग और डायलॉग

हिंदी डबिंग फिल्म के अनुभव को और खराब करती है।

डायलॉग्स में न तो गहराई है और न ही असर। कई जगह डबिंग इतनी अजीब लगती है कि सीन का इमोशन ही खत्म हो जाता है।

क्या अच्छा है?

फिल्म का सेटअप और आइडिया कागज पर दिलचस्प लगता है

कुछ विजुअल्स और लोकेशन अच्छी हैं

फिल्म का अंत आना ही राहत देता है

क्या खराब है?

कमजोर और बिखरी हुई कहानी

खराब VFX

लंबा और बोरिंग रनटाइम

कन्फ्यूजिंग स्क्रीनप्ले

बेअसर कॉमेडी

खराब हिंदी डबिंग

Final Verdict

The RajaSaab Review: ये एक ऐसी फिल्म है जो बड़े स्टार और बड़े बजट के बावजूद दर्शकों को एंटरटेन करने में पूरी तरह नाकाम रहती है।

अगर आप प्रभास के फैन हैं, तब भी यह फिल्म आपको निराश कर सकती है। बाकी दर्शकों के लिए यह फिल्म समय और पैसे दोनों की बर्बादी साबित हो सकती है।

👉 Watch or Not?: बिल्कुल नहीं

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Prime News 24 के लेखक एम. एस. सिद्दीकी मनोरंजन और बॉलीवुड से जुड़ी खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वे पाठकों को आसान और साफ भाषा में ताज़ा जानकारी और निष्पक्ष विश्लेषण देते हैं।

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