Share Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में
Share Market Today: आज के शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले लेकिन उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Share Market Today: शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन उतार-चढ़ाव का माहौल
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की, लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कुछ ही समय में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क नजर आए, जिसका असर बाजार की चाल पर साफ दिखा।
गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 780.18 अंक गिरकर 84,180.96 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, एनएसई निफ्टी 263.90 अंक की गिरावट के साथ 25,876.85 पर बंद हुआ। इसी गिरावट की छाया शुक्रवार के कारोबार में भी दिखाई दी।
शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में थोड़ी तेजी देखने को मिली, लेकिन जल्द ही बाजार फिसल गया। बीएसई सेंसेक्स 78.84 अंक टूटकर 84,102.12 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 21.50 अंक गिरकर 25,850.85 पर कारोबार करता नजर आया।
साथ ही, भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया 7 पैसे टूटकर 89.97 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपये में कमजोरी से आयात महंगा होने की चिंता बढ़ी है, जिसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ा।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से कई दिग्गज शेयरों पर दबाव देखने को मिला।
आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी, अदानी पोर्ट्स, सन फार्मा और ट्रेंट जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर, कुछ शेयरों ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई। इटरनल, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एशियन पेंट्स जैसे शेयर लाभ में कारोबार करते नजर आए। इससे यह साफ है कि बाजार में सेक्टर-विशेष और स्टॉक-विशेष गतिविधि बनी हुई है।
लगातार चार दिन से बाजार में गिरावट
अगर पिछले चार कारोबारी सत्रों पर नजर डालें, तो बाजार की कमजोरी और साफ हो जाती है।
बीते चार दिनों में बीएसई सेंसेक्स करीब 1,581.05 अंक यानी लगभग 1.84 प्रतिशत टूट चुका है। वहीं, निफ्टी में 451.7 अंक या करीब 1.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
इस लगातार गिरावट ने छोटे और मझोले निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
वैश्विक अनिश्चितताओं का बाजार पर असर
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताएं निवेशकों की भावनाओं पर भारी पड़ रही हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से भारतीय बाजार पर दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा, अमेरिका द्वारा संभावित टैरिफ बढ़ोतरी और भारत के रूसी तेल आयात को लेकर संभावित अमेरिकी कार्रवाई की आशंका ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में स्पष्ट प्रगति न होने से विदेशी संस्थागत निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते दिख रहे हैं।
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
वैश्विक संकेतों की बात करें तो वॉल स्ट्रीट में मिले-जुले रुझान के बाद एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को ज्यादातर तेजी देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का बाजार दबाव में नजर आया। एशियाई बाजारों की यह मिली-जुली चाल भारतीय बाजार पर भी असर डालती दिखी।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 0.53 प्रतिशत बढ़कर 62.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 3,701 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि घरेलू निवेशक बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
आगे बाजार से क्या उम्मीद?
Share Market Today: विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, अमेरिकी नीतियों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। जब तक अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस रखें।

मोहम्मद रफ़ी Prime News 24 में क्रिकेट से जुड़ी खबरों के लेखक हैं। वे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट, IPL, टी20 और वनडे मैचों से जुड़ी ताज़ा खबरें, अपडेट्स और विश्लेषण पाठकों तक पहुंचाते हैं। उनका लेखन सरल, तथ्यपरक और भरोसेमंद है।
